मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में ''एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर'' अभियान का हुआ शुभारंभ
varanasi | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आम जनमानस को आसानी के साथ चिकित्सकीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देशानुसार रविवार को एक बार फिर से जिले के कुल 52 ग्रामीण व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ।

मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में ''एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर'' अभियान का हुआ शुभारंभ
52 पीएचसी पर मुफ्त मिलीं स्वास्थ्य सेवाएं, लाभान्वित हुए 1,790 मरीज
पूर्व मंत्री व विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने कोनिया व जैतपुरा पीएचसी में लगे आरोग्य मेला का किया निरीक्षण
संचारी रोगों डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए किया जागरूक
सीएमओ ने की अपील - मच्छरों से बचाव के लिए घर व आसपास जमा न होने दें पानी
varanasi | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आम जनमानस को आसानी के साथ चिकित्सकीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देशानुसार रविवार को एक बार फिर से जिले के कुल 52 ग्रामीण व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ।
इसके साथ ही प्रत्येक स्वास्थ्य इकाईयों पर ''एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर'' अभियान का शुभारंभ हुआ। आरोग्य स्वास्थ्य मेले में मरीजों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गयी। इसके साथ ही मरीजों निःशुल्क दवा एवं चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर संचारी रोगों डेंगू, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों के लिए जागरूक किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री व शहर दक्षिणी विधायक डॉ नीलकण्ठ तिवारी ने शहरी पीएचसी कोनिया एवं जैतपुरा का भ्रमण कर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 'एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर' अभियान का शुभारंभ किया और गर्भवती को आयरन, कैल्शियम, फॉलिक एसिड एवं एलबेंडाजोल की दवा वितरित की। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य मेला में स्वयं की जांच कराई और मेले में दी जा रही चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिया गया कि पीएचसी की चिकित्सीय व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जाये। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के आयोजन का प्रचार-प्रसार कराया जाये, जिससे अत्यधिक लोग इसका लाभ ले सकें। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी, एसीएमओ डॉ एके वर्मा, कोनिया की एमओआईसी डॉ प्रतिभा सिंह व जैतपुरा की एमओआईसी डॉ रेनू सिंह एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
सीएमओ ने बताया कि आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्देश्य है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हों। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। कोविड के खतरे को देखते हुए विभाग पूरी तरह से सतर्क है। सभी लोग सहयोगात्मक व्यवहार करें जिससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।
सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए घर व आसपास ज्यादा दिन तक पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे व साफ पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है।साफ-सफाई का जरूर ध्यान रखें। गर्म व ताजा खाना ही खाएं। पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें व स्वच्छ व साफ पानी का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि "हर शनिवार व रविवार मच्छर पर वार" को ध्यान में रखते हुए जमा हुए पानी स्रोतों का विनष्टीकरण जरूर करें। इसके साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना, दो गज दूरी और हाथों को बार-बार सैनिटाइज करना न भूलें।
मेले में 1790 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई जिसमें 613 पुरुषों, 933 महिलाओं और 244 बच्चों को देखा गया । इन स्वास्थ्य मेलों में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगाकर 106 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान कोविड हेल्प डेस्क पर 1238 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गईं, जिसमें 533 व्यक्तियों का एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें सभी व्यक्ति निगेटिव पाये गए। इसके अलावा 92 लोगों की हेपेटाइटिस-बी व सी की जांच हुई, 140 बुखार के, 129 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं, 51 लिवर, 94 श्वसन, 179 उदर, 72 मधुमेह, 249 त्वचा संबन्धित मरीज, 7 टीबी के संभावित लक्षण दिखने वाले व्यक्ति, 18 एनीमिक महिलाएं, 38 हाईपेर्टेंशन, 238 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) एवं 655 अन्य रोगों के मरीज देखे गए। वहीं 27 मरीजों को संदर्भित किया गया। मेले में एक भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया। 11 मरीजों को चिकित्सीय उपचार के लिए भेजा गया। इसके अलावा 26 मरीजों को आँख की स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 2 मरीजों को सर्जरी, 5 मरीजों को जनरल सर्जरी, 2 मरीजों को ईएनटी सर्जरी, 5 मरीजों को ओब्स एवं गायनी सर्जरी व 2 मरीज को अन्य सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। जिला स्तर पर मेले में 93 मेडिकल ऑफिसर एवं 358 पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्य किया।
मेला में मिलीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसव कालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं, उन मरीजों को जांच के लिए
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