हाथरस कांड :- हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव होंगे न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष

हाथरस हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन, राजपाल ने जारी किया नोटिफिकेशन आयोग में रिटायर्ड आईएएस हेमन्त राव और रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया न्यायिक जांच आयोग नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर पूरी करेगा अपनी जांच भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के सम्बन्ध में आयोग अपने सुझाव भी देगा

हाथरस कांड :- हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव होंगे न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष

हाथरस कांड :- हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव होंगे न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष

हाथरस हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन, राजपाल ने जारी किया नोटिफिकेशन

आयोग में रिटायर्ड आईएएस हेमन्त राव और रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया

न्यायिक जांच आयोग नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर पूरी करेगा अपनी जांच

भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के सम्बन्ध में आयोग अपने सुझाव भी देगा

लखनऊ, 3 जुलाई। हाथरस में हुए हादसे की न्यायिक जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया गया है। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा बुधवार रात इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। इस न्यायिक जांच आयोग में रिटायर्ड आईएएस हेमन्त राव और रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। न्यायिक जांच आयोग का मुख्यालय लखनऊ में होगा। आयोग इस नोटिफिकेशन के जारी होने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर जांच पूरी करेगा। इसकी अवधि में किसी प्रकार का परिवर्तन राज्य सरकार के आदेश पर किया जा सकेगा।

निर्धारित बिंदुओं पर जांच कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा आयोग
नोटिफिकेशन के अनुसार आयोग 2 जुलाई, 2024 को हाथरस जनपद में घटित घटना की जांच करेगा और जांच के बाद निर्धारित बिंदुओं पर राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इसमें, कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा, जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की गई अनुमति एवं उसमें दी गई शर्तों के अनुपालन की जांच करना शामिल है। साथ ही, यह घटना कोई दुर्घटना है अथवा कोई षडयंत्र या अन्य कोई सुनियोजित आपराधिक घटना की सम्भावना के पहलुओं की जांच करना। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए प्रबन्ध एवं उनसे सम्बन्धित अन्य पहलुओं की जांच करना भी आयोग के कार्यक्षेत्र में होगा। आयोग उन कारणों एवं परिस्थितियों पर भी गौर करेगा जिसके कारण घटना घटित हुई, जबकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के सम्बन्ध में आयोग अपने सुझाव भी देगा।

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