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अरुण पाठक का वाराणसी पुलिस पर हमला जारी, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एडीसीपी काशी जोन विकास चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ खोला मोर्चा

वाराणसी। विश्व हिन्दू सेना प्रमुख अरुण पाठक ने अपने फेसबूक पेज पर वाराणसी एडीसीपी काशी जोन विकास चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक पोस्ट जारी किया है। उन्होंने वाराणसी पुलिस के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऊपर भी अपनी भड़ास निकाली है। 

अरुण पाठक ने पोस्ट में लिखा है कि ध्यान से देखिये इन्हें मेरे फ़ोटो के बगल में पुलिस के वर्दी में ये  विकास चंद्र त्रिपाठी जी हैं ये नेपाली युवक मामले में एसपी सिटी वाराणसी थे उस समय भी ये ओवरटाइम कर रहे थे। योगिआदित्यनाथ के लिए मेरे पर गैंगेस्टर लगाने तक की बात करी थी। अब दुर्भाग्य इनका की नेपाली युवक मामले में मुझे माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे अरेस्ट स्टे दे दिया इनका ख्वाब पूरा नहीं हो पाया।  किन्तु सरकार ने इनके ओवरटाइम का मान रखा और कमिश्नरेट बनने के बाद सारे पुराने अधिकारी चले गए किन्तु इन्हें पुरस्कार दिया और एडीसीपी काशी जोन बना दिया। अब ये और तगड़ा ओवर टाइम कर रहे हैं। 

16 अगस्त श्रावण के अंतिम सोमवार को जब विश्व हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं सहित संतो को भी इन्होंने गिरफ्तार किया छत्ता द्वार पर तो ये तो हर वर्ष होता था गिरफ्तारी फिर रिहाई किन्तु इस बार इन्होंने ओवरटाइम बहुत तगड़ा किया।  ये विश्व हिंदू सेना के राष्ट्रीय सचिव  दिग्विजय नाथ चौबे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कमलेश दुबे दुर्गा वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष कालिंदी यादव सहित अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारियों को माँ बहन की गलियां दीं। इतना ही नहीं जगद्गुरू रामानुजाचार्य श्री स्वामी संपत कुमाराचार्य वैष्णव पीठाधीश्वर व नागा साधु बाबा पिचासानन्द जी का अपमान किया।  उन्हें दिन भर संध्या भी नहीं करने दिया पानी तक से दिन भर वंचित रखा।  सारे दिन विभिन्न कागजों पर साइन करवाया पढ़ने भी नहीं दिया गया जबरन दिन भर साइन करवाते रहे मेरे एक एक कार्यकर्ताओं से डरा धमका कर मेरा पता पूछते रहे और उन्हें बार समझाते रहे कि मैं अपराधी हूँ फरार हूँ तो मैं विकाश चन्द्र त्रिपाठी साहब नाम से तो लगता है कि पढ़ लिख कर ही नौकरी पाए होंगे तो क्या पढ़े हैं। 

 आप जरा मुझे बताने का कस्ट करेंगे कि 505 और67 आईटी एक्ट में बिना न्यायालय के परमिशन के गिरफ्तार करने का आदेश नहीं है तो फिर आपकी पुलिस बगैर महिला पुलिस के इन धाराओं में मेरे घर रात्रि डेढ़ बजे किसके आदेश पर छापा मारे? मेरे घर के सुरक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे व डी बी आर क्यों उठाया? मेरे नाबालिग बेटी का मोबाइल क्यों ले गए? मेरे माँ पत्नी व परिवार के लोगों व अन्य शुभचिंतकों को किसके आदेश पर प्रताड़ित किया गया? क्या न्यायालय का आदेश था?तो ये सारे गैर कानूनी कार्य आप करवाये ओवर टाइम के चक्कर में जल्द डीसीपी बनने के लिए और अपराधी मुझे कहते हैं? वैसे एक बात और बताना चाहता हूँ आप सभी को की वाराणसी पुलिस के 5 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में कांटेंट ऑफ कोर्ट का मामला लंबित है और माननीय न्यायालय ने 30 मार्च को माना था कि प्रथम दृष्टया न्यायालय के अवमानना का बनता है और तीस दिन के अंदर हलफनामा प्रस्तुत कर अपना पक्ष रखें जिसमे अग्रिम तिथि 25 अगस्त लगा है उसमें उन पांच में आप विकाश चन्द्र त्रिपाठी जी दूसरे नम्बर पर हैं और अभी तक100 दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी आप न्यायालय में हाजिर नहीं हुए इसलिए ये और ज्यादा ओवर टाइम कर रहे हैं न्यायालय में ये गिड़गिड़ाते हैं अपना पक्ष रखने का बार बार टाइम मांगते हैं और लोगों को गर्व से बताते फिरते हैं कि मैं अपराधी हूँ और ये मुझे ढूंढ रहे हैं अब आप ही फैसला कीजिए कि कौन अपराधी है मैं या श्री विकास चंद्र त्रिपाठी मैं माननीय न्यायालय से वांछित नहीं हूं आपलोग हैं त्रिपाठी सर और जो अफवाह आप फैला रहे हैं मैं उसके लिए भी आने वाले भविष्य में मान हानि का केस करूँगा तैयार रहिये।।

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