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Varanasi : भाजपा पार्षद बोलें- वार्ड में 16 हजार की आबादी में मिल रहे सिर्फ 30 कोविड किट, कैसे करें लोगों में वितरित?

अंकिता यादव,

 वाराणसी। जहां एक ओर प्रदेश सरकार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह की कवायद की जा रही है। योगी सरकार प्रतिदिन समीक्षा बैठक कर लगातार प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति का जायजा ले रही है, साथ ही अधिकारियों को कई तरह के आदेश-निर्देश भी दे रही है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के ही पार्टी के पार्षदों द्वारा उनके कामों की पोल खोली जा रही है। उनके पार्टी के ही पार्षद अपने आपको असहाय बताते हुए, 5 हजार से ऊपर आबादी वाले क्षेत्र में मात्र 30 कोविड किट मिलने की बात कह रहे है और ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर न दिए जाने का भी आरोप लगा रहे है।

दरअसल, यह मामला प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के वार्ड नंबर 71 पांडेय घाट का है। जहां के भाजपा पार्षद चंद्र नाथ मुखर्जी (चांदू दा) का कहना है कि, मुख्यमंत्री के आदेश पर कोरोना वायरस संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए महापौर मृदुला जायसवाल ने सभी 90 वार्डों में संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीजों को मुफ्त दवा देने के लिए प्रत्येक पार्षदों को 30 पैकेट मेडिसिन किट दिए गए है। वहीं वार्ड में कार्यरत सुपरवाइजर को एक पैकेट सेनेटाइजर, मास्क, थर्मल स्कैनर, ऑक्सीमीटर के साथ ही 10 साबुन का पैकेट भी दिया गया है। सभी पार्षदों को अपने वार्डों में जानकारी कर संदिग्ध कोरोना मरीजों को दवा देने को कहा गया है, लेकिन, वार्ड में लोगों की संख्या हजारों में है और उन्हें केवल 30 कोविड किट ही दिए जा रहे है। 

“हजारों की आबादी में मात्र 30 कोविड किट दिया गया है”  


भाजपा पार्षद चंद्र नाथ मुखर्जी ने बताया कि, उनके वार्ड में करीब 16 से 17 हजार लोगों की आबादी है, लेकिन नगर निगम की ओर से केवल 30 हजार कोविड किट उन्हें दिया जा रहा है है। ऐसे में हम इतनी आबादी में 30 किट कैसे वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि, ना उन्हें ऑक्सीमीटर दिया जा रहा है, ना ही थर्मल स्कैनर दिया जा रहा है और पार्षदों को अपने-अपने वार्ड का महामारी निगरानी का अध्यक्ष बना  दिया गया है। इसके अलावा संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जो दवाएं दी गई है, उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी है कि, उन्हें कौन सी दवा किस प्रकार देनी है, अगर कल के दिन कोई भी ऊंच-नीच होती है तो इसका जिम्मेदार पार्षद को ठहराया जायेगा। 


सेनेटाइजर अभियान में नगर निगम पर मनमानी का आरोप 


उन्होंने कहा कि, उनके और कई अन्य पार्षद साथी भी है, जो कोविड पॉजिटिव चल रहे है। उनकी कोई जानकारी लेने वाला नहीं है। नगर निगम द्वारा हमलोगों को अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई गई है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा जो बढ़ी-बढ़ी गाड़ियों से सेनेटाइजर का अभियान चलाया जा रहा है, वहां अधिकारीयों द्वारा मनमानी की जा रही है वह केवल अपने जानने वालों रिश्तेदारों और अपने घरों के आस-पास ही सेनेटाइजेशन करवा रहे है।

“नगर निगम नहीं ले रहा पार्षदों की सुध”  

नगर निगम के मैनेजमेंट पर भी पार्षद ने सवाल उठाते हुए उन्हें गलत बताया। इसके अलावा उन्होंने किट सेनेटाइजर इन सभी चीजों का वितरण कब गोपनीय तरह से किया इसका भी आरोप लगाया। पार्षद ने कहा कि जो कोरोना किट हमलोगों को दी गई है उसे हम नगर निगम को वापस कर देंगे क्योंकि मात्र 30 किट में हम किस-किस को किट वितरित  करेंगे। नगर निगम न हमारी सुध ले रहा न कोई बातचीत कर रहा है।     

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