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PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी के सेकंड बेब का मुकाबला पूरा देश कर रहा है : CM योगी आदित्यनाथ

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एमपी थिएटर मैदान परिसर में रक्षा मंत्रालय के डीआरडीओ द्वारा 750 बेड के बनाये गये कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने के पश्चात सेंट्रल हॉल सभागार में वाराणसी मंडल के अधिकारियों से कोरोना महामारी से निपटने के लिए अब तक किए गए और आगे किए जा रहे तैयारियों की विस्तार से समीक्षा किया।

तत्पश्चात पत्र-प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहां की कोरोना महामारी के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेकंड बेब का मुकाबला पूरा देश कर रहा है। जो मंत्र कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सभी राज्यों को “ट्रेस, टेस्ट व ट्रीट” का दिया गया है, उसको अपना कर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को राहत काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि 30 मई को उत्तर प्रदेश में कुल एक्टिव केस 3,10,000 रहे। जो आज घटकर 2,33,000 हो गए हैं। यानी 8 दिन में कुल 77000 एक्टिव केस कम हुए हैं। प्रदेश में सर्वाधिक पॉजिटिव केस 24 अप्रैल को 38, 000 आए थे। जो भी धीरे-धीरे घट कर आज 23,000 पॉजिटिव केस आये हैं। प्रदेश में पॉजिटिविटी घटी है और रिकवरी दर बढ़ी है। उन्होंने बताया कि वाराणसी मंडल में एक सप्ताह में 9285 एक्टिव केस आए हैं जिसमें वाराणसी जनपद में 4500 से अधिक है। फर्स्ट बेव की तुलना में सेकंड बेब काफी तीव्र रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस व इंडियन एयर फोर्स के विमान का इस्तेमाल ऑक्सीजन आपूर्ति में किया गया। इससे कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में सभी राज्यों को सुगमता हुआ।

उन्होंने कहा कि जिस तेजी से कोरोना को संक्रमण बढ़ा, उसी तेजी से ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ी। 1000 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहा है। महामारी का मुकाबला सभी के सहयोग से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महामारी का मुकाबला मजबूती से कर रही है। इसके लिए हर स्तर पर संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। टीकाकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दो स्वदेशी वैक्सीन अभी फिलहाल लग रही है और तीसरी वैक्सीन के लिए भी सहमति मिल गई है। यूपी में 45 से अधिक उम्र के 1.37 करोड़ को वैक्सीन दी जा चुकी है जबकि 18 से अधिक उम्र वाले भी एक लाख से अधिक लोग टीका लगवा चुके है।

उन्होंने बताया कि सभी को टिके के लिए आगे आना चाहिए। आसानी से टीकाकरण किया जा सके। इसके लिए 4500 अधिक केंद्र भी टीकाकरण के बनाए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी चिकित्सा के क्षेत्र में हब हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित बिहार के लोग चिकित्सा सुविधा यहां प्राप्त करते हैं। 750 बेड के डीआरडीओ की मदद से बनाये गए अस्थायी अस्पताल जिसमें 250 बेड वेंटीलेटर के है से वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों के लोगो को बड़ी राहत होगी। यहां आर्मी मेडिकल कोर के साथ ही बीएचयू, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा अन्य संसाधनों को समन्वय स्थापित कर मुहैया कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि 18 प्लस के लिए कुछ अन्य जिलों में टीकाकरण कल से शुरू होने जा रहा है। भारत सरकार की ओर से पर्याप्त वैक्सीन मिल रही है। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के सेकंड बेब को रोकने के लिए किये गये कार्यों की सार्थकता दिखाई दे रही है। पॉजिटिविटी घटी है और रिकवरी दर बढ़ी है। लेकिन अभी सतर्कता की जरूरत पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर देते हुए जन सामान्य से अपील की कि वह बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकले और अपने घरों में ही सुरक्षित रहें। जरूरत पड़ने पर घरों से बाहर निकलने पर हर व्यक्ति कोविड नियम का पालन करें। चेहरे पर मास्क लगावे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हर हालत में करें।

हाई रिस्क कैटेगरी के लोग घरों से बाहर कतई न निकले। वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं और वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना हारेगा और देश जीतेगा।

इसके पूर्व बीएचयू के सेंट्रल हॉल सभागार में वाराणसी मंडल के अधिकारियों के साथ कोरोना महामारी से निपटने के लिए अब तक किये गये एवं आगे किए जाने वाले तैयारी के संबंध में विस्तार से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सेकंड वेब का सामना कर रहे हैं। यह एक बड़ा चैलेंज है सबके सामने। 1 मई से 8 मई के बीच 77000 एक्टिव केस कम हुए हैं, इस तरह हम कोविड पर नियंत्रण पाने में सफल हुए हैं। लेकिन अभी भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

पंचायत चुनाव के पश्चात गांव-गांव में संक्रमण न फैले। इसके लिए निगरानी समितियों द्वारा घर-घर गहन स्क्रीनिंग करे तथा कोविड लक्षण वालों को मेडिसिन किट उपलब्ध करायें। उनके परिवार जनों की भी स्क्रीनिंग हो उनकी सूची बनाकर आरआरटी को उपलब्ध कराने को कहा। जिससे उनका एंटीजन टेस्ट टीम द्वारा किया जाये।

यदि पाज़िटिव है तो तत्काल दवा प्रारम्भ कर दी जाय। जिससे मृत्यु दर कम हो। उन्होंने आरआरटी टीम को ट्रेनिंग देकर संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव में पंचायत भवन, विद्यालय आदि को कोरेंटिन सेंटर बनाया जाए। उसमे पाज़िटिव मरीजों को रख कर उसकी जिम्मेदारी निगरानी समिति को दें और डाक्टर उनका हालचाल लेते रहें। उनके खाने की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि हमें किसी भी हाल में महामारी की चेन तोड़नी पड़ेगी। स्वच्छता विशेष ध्यान देते हुए अभियान चलाकर फागिंग, एंटी लारवा छिड़काव, सैनिटाइजेशन की गति तेजी के साथ बढ़ाया जाए। जिससे बरसात में डेंगू, मलेरिया, इंसेफलाइटिस, टाइफाइड आदि से लोगों का बचाव हो सके। हमें जीवन को भी बचाना है जीविका को भी बचाना है।

जितनी जल्दी उपचार करना शुरू कर देंगे, इतनी जल्दी मरीज ठीक होगा। गंभीर स्थिति नहीं आने पाएगी, हर हाल में जनहानि को रोकना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। प्रदेश स्तर के अनुसार हर जनपद स्तर पर टीम 9 की तर्ज पर अलग-अलग टीम को अलग- अलग प्रकार की जिम्मेदारी देने की कार्रवाई की जाय। एक टीम मैनपावर और वैक्सिनेशन का कार्य देखेगी, एक टीम होम आइसोलेशन मेडिकल किट के साथ ही रेमडीसीविर और अन्य दवाओं, एम्बुलेंस को देखेगी, एक टीम जो नयै प्लांट लगने हैं, वेंटिलेटर फंक्शनल है या नहीं आदि देखने का कार्य करेगी, एक टीम ऑक्सीजन के आपूर्ति और उसके ऑडिट और होम आइसोलेशन में भी रहने वालों को ऑक्सीजन मिले इसकी व्यवस्था देखेगी, एक टीम कन्टेनमेंट जोन, करोना कर्फ्यू की कार्यवाही, एक टीम स्वच्छता सैनिटाइजेशन निगरानी समिति, अंत्येष्टि स्थल, एक टीम क्वारंटीन सेंटर, प्रवासी कामगार और कम्युनिटी किचन के कार्य को देख रही है। इस प्रकार टीमें कार्यकर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि थर्ड वेव भी आएगी। उसका टारगेट बच्चे हो सकते हैं, इसकी भी तैयारी होनी चाहिए। बड़े जनपदों में 4 से 100 के बीच बच्चों के पीडियाट्रिक बेड तैयार करना पड़ेगा और मैनपावर को बढ़ाना पड़ेगा। इसके लिए एक्स सर्विसमैन, रिटायर्ड या नए लोगों जो मेडिकल के फोर्थ ईयर के छात्र है ट्रेनिंग देकर फोन की सेवाएं ले सकते हैं उनका मानदेय अभी द्वारा तय कर दिया गया है। एंबुलेंस की व्यवस्था त्वरित रखते हुए रेट निर्धारित कर दिया जाए। यदि अधिक रेट लें तो एंबुलेंस चीज कर दी जाए। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे भी लगाई जाए। ऑक्सीजन की आपूर्ति और ऑडिट किया जाए। जिससे प्राइवेट अस्पताल आवश्यकता से अधिक ऑक्सीजन की मांग न कर सकें।

यह ऑडिट प्रतिदिन सुबह 8 बजे तथा शाम को 4 बजे किया जाए। इसके साथ ही हर अस्पताल द्वारा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को फंक्शनल कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिया जाए। भर्ती मरीजों की जानकारी उनके तीमारदारों को दिन में एक बार अवश्य बताया जाए। अंत्येष्टि स्थल पर लावारिस लाशों का दाह संस्कार, कफन की व्यवस्था आदि ग्राम प्रधान निधि स्थानीय निकाय निधि से सम्मानजनक से कराया जाना चाहिए।कंटेनमेंट जोन में पुलिस द्वारा शक्ति की जाए। साथ ही डोर स्टेप डिलीवरी को भी सुनिश्चित किया जाए।

सब्जी मंडी खुले मैदान में लगवाए। साथ ही कोविड-19 प्रोटोकॉल काल का कड़ाई से पालन करने हेतु पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए। वैक्सीनेशन सेंटर पर उतने ही लोगों को बुलाया जाए जितने लोगों को वैक्सीन देना है। उन्हें एक दिन पहले दी जाए। उन्होंने बीएचयू को टैली कंसलटेंसी की सुविधा तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कहा इसके लिए टाइम निर्धारित करके टेलीफोन नंबर प्रचारित करके लोगों को उसकी जानकारी दें जिससे हर तरह के मरीजों को के सुविधा मिल सके। साथ ही मरीज के परिजन की व्यवस्था भोजन, मरीज की सूचना परिजनों को देने आदि की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कुछ प्राइवेट लैब पैसे लेकर नेगेटिव रिपोर्ट दे रहे हैं, इस पर कड़ी नजर रखते हुए लगाम लगानी पड़ेगी।

वाराणसी मंडल में अब तक कोरोना कॉल में किए गए एवं आगामी रणनीति के संबंध में कमिश्नर दीपक अग्रवाल एवं वाराणसी जनपद रिपोर्ट जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गाजीपुर जौनपुर एवं चंदौली के जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, मंत्री रविंद्र जायसवाल, एमएलसी अशोक धवन, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, एडीजी बृजभूषण, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीआईजी एस0 के0भगत, पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, डीआरडीओ के अधिकारी सहित अन्य विभागीय एवं स्वास्थ विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मेडिकल किट वितरण, कोरोना संक्रमित परिवार का कुशलक्षेम पूछा 

ततपश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिकरी गांव में निगरानी समिति से मुलाकात की। मेडिकल किट दी तथा कोरोना संक्रमित परिवार का कुशलक्षेम पूछा और एहतियात बरतने का सुझाव दिया। साथ ही प्रशासन की ओर से दिए जा रहे सहयोग की भी जानकारी ली।

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