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कोरोना से बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय में खुला कोविड कंट्रोल रूम

वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए हॉस्पिटल में बेड नहीं मिल रहे, ऑक्सीजन की भी कमी बताई जा रही है। ऐसे में अब आपकों घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सोमवार से कोविड मरीजों की इलाज के लिए वाराणसी में भाजपा की ओर से पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय में कोविड कंट्रोल रूम शुरू किया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं।

24 घंटे खुली रहेंगी हेल्प लाइन (Helpline)

गुरुधाम चौराहे के पास प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र कार्यालय में कोविड कंट्रोल रूम (Covid Control Room) बनाने के साथ ही पदाधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी भी लगा दी गई है। कोविड मरीजों के परिवार वालों के लिए ये हेल्प लाइन (Helpline) 24 घंटे खुली रहेंगी।

हेल्पलाइन नम्बर जारी

हेल्पलाइन नम्बर 0542-2314000 और मोबाइल नंबर 9415914000 पर 24 घंटे में कभी भी फोन करके अस्पताल में बेड की उपलब्धता, आक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाई, डाक्टर से परामर्श आदि की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही डॉक्टरों की एक टीम भी मदद के लिए संसदीय कार्यालय के कंट्रोल रूम में मौजूद रहेगी, जो कोरोना संक्रमित मरीजों को लक्षण के आधार पर दवा व उपचार की निशुल्क सलाह देगी. कंट्रोल रूम में फोन करने वाले कोविड मरीजों और तीमारदारों को तुरंत ही चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी।

बता दें कि, गत 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में कोविड-19 की स्थिति जानने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वर्चुल बैठक की थी। इस बैठक के दौरान उन्होंने कोरोना संक्रमण काल में लगातार लोगों की सेवा कर रहे कर्मचारियों की सराहना के साथ ही टीम का उत्‍साहवर्धन भी किया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना से बचाव तथा कोरोना संक्रमित मरीजों के समुचित उपचार हेतु टेस्टिंग, बेड, दवाइयाँ, वैक्सिीन, तथा  मैन पावर आदि की जानकारी ली गई. उन्होंने जनता को हर संभव सहायता त्वरित रूप से उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। पीएम ने देश के सभी डॉक्टरों, सभी मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की इस संकट की घडी में भी वह अपने कर्त्तव्य का निष्ठापूर्ण पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें पिछले साल के अनुभवों से सीखते हुए सतर्क रहकर आगे बढ़ना है।

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