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गला खराब हो तो घबरायें नहीं, चिकित्सक को दिखायें : डॉ एके सिंह 


वाराणसी। बढ़ते तापमान में गले की खराश अथवा जुकाम के साथ सिरदर्द की समस्या की वजहें और भी हो सकती हैं। इसलिए घबराने के बजाय चिकित्सक से लें सलाह, यह कहना है एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं फिजीशियन डॉ एके सिंह का।


उन्होने बताया कि समय के साथ कोरोना संक्रमण के लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष तक इसके अधिसंख्य मामलों में ज़्यादातर वे लोग चपेट में आ रहे थे, जो 50 वर्ष से अधिक उम्र के थे या फिर हाई ब्लडप्रेशर, हृदयरोग, डायबिटीज इत्यादि जैसी समस्याओं से ग्रसित थे, लेकिन यह भ्रम टूट रहा है। जरा सी असावधानी में संक्रमण की इस लहर में हर उम्र के लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे में गंभीरता के साथ एहतियात बरतने की जरूरत है। गला चोक होना, गले में खराश होना, गले में दर्द होना या जुकाम होना जैसी समस्या है तो जरूरी नहीं है कि कोरोना का संक्रमण ही हो। समयानुसार ये समस्याएँ साइनस, मौसमी एलर्जी, ठंडे-गर्म वातावरण में रहने तथा गलत खानपान के कारण भी हो जाती हैं।


इस तरह की समस्या होने पर घबराने या छुपाने के बजाय चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें, क्योंकि इस संक्रमण काल में बिना जांच के कुछ भी कह पाना उचित नहीं है।


कई संक्रमण हैं एक साथ – इन दिनों वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हैं जिसके कारण गला खराब होना, अचानक से छींके शुरू हो जाना, नाक में खुजली होना, नाक का नम रहना इत्यादि समस्याएँ हो सकती हैं। कोविड-19 के प्रारम्भिक लक्षणों में भी जुकाम, खांसी, खराश और सांस लेने की समस्या होती है।


जुकाम व खांसी के और भी हैं कारण – जिन लोगों को साइनोसाइटिस, अस्थमा, एलर्जी या एसिडिटी की परेशानी है, उन्हें भी अक्सर जुकाम और गला चोक होने की समस्या हो जाती है। इसके अलावा इस मौसम में अधिक गर्मी के कारण उल्टी होना सामान्य बात है। इस कारण भी गले में खराश या बलगम बन सकता है। इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, अपने नजदीकी चिकित्सालय में डॉक्टर से परामर्श के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
इसे अवश्य अपनाएँ –
• मनोबल मजबूत बनायें रखें।
• बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
• अचानक गला चोक होने या फिर सुनाई न देने की समस्या हो तो चिकित्सक को जरूर दिखायें।
• तीन दिन से अधिक बुखार, खांसी या जुकाम है तो गंभीरता से लें और जाँच करायें।
• समय-समय पर साबुन या सेनेटाइजर से हाथ साफ करें।
• व्यायाम व खानपान का विशेष ध्यान रखें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
बरतें सावधानी –

  • बार-बार साबुन और पानी से 40 सेकण्ड तक हाथ धोएं
  • हर समय दूसरे व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाकर रखें
  • घर से जब भी बाहर निकलें मास्क जरूर लगाएं
  • बाहर से घर आने पर हाथों को अच्छे से धोएं तथा चेहरे-आँख को न छुएँ
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