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गाजीपुर : पंचायत चुनाव होने के बाद भी चुनाव की पंचायत जारी, चुनाव को लेकर गाजीपुर में अभी भी विवाद जारी

गाजीपुर। जहां पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर पिछले दिनों काफी हो हल्ला हुआ जिसके बाद कुछ लोग कोर्ट का भी शरण लिए और उसके बाद आरक्षण प्रक्रिया बदलकर चुनाव संपन्न हुआ लेकिन इस चुनाव के बाद ग्राम पंचायतों के गठन के लिए ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव में एक बड़ा झोल जनपद गाजीपुर में देखने को मिल रहा है यहां के सेवराई तहसील के सरैला गांव के वार्ड नंबर 9 से प्रत्याशी ने नामांकन किया और उसके पश्चात निर्विरोध जीत हासिल कर शपथ ग्रहण कर लिया वही अब चुनाव के आर ओ के द्वारा वार्ड नंबर नौ की सीट महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित बताया जा रहा है और जीते हुए प्रत्याशी पर घर की महिला का आधार कार्ड व अन्य डॉक्यूमेंट के द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत सदस्य बनाने का दबाव बनाया जा रहा है इस तरह का आरोप निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य विकास कुशवाहा के द्वारा लगाया गया है।

जनपद गाजीपुर के सेवराई तहसील के सरैला गांव के वार्ड नंबर 9 से निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य विकास मौर्य है जिसने ग्राम पंचायत के चुनाव के वक्त ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए अपना नामांकन किया था और नामांकन के बाद उस वार्ड से किसी अन्य का नामांकन नहीं होने पर निर्विरोध जीत हासिल कर लिया जीत के बाद विकास का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक की देखरेख में गांव के प्राइमरी विद्यालय पर गांव की प्रधान और अन्य सदस्यों के साथ उसने भी शपथ ग्रहण किया और शपथ ग्रहण के पश्चात एक या दो बैठक भी करा लिया गया लेकिन अचानक से ब्लॉक के आरओ और सेक्रेटरी के द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। 

कि वह अपने घर की किसी महिला का आधार कार्ड देखकर उन्हें ग्राम पंचायत सदस्य बनवा दे क्योंकि वार्ड नंबर नौ महिलाओं के लिए आरक्षित था इसके लिए कई बार आरो के द्वारा फोन पर भी विकास को मिलने के लिए बुलाया गया जिसको लेकर विकास और अन्य ग्रामीण काफी गुस्से में है क्योंकि जब यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित था तो पुरुष प्रत्याशी का नामांकन आखिर कैसे एक्सेप्ट कर उसे निर्विरोध जीत दिलाई गई और शपथ ग्रहण कराया गया। विकास के जीत के बाद उसे शपथ ग्रहण कराने की पुष्टि उसी गांव के अन्य वार्ड के जीते हुए मेंबर भी कर रहे हैं कि उनके साथ ही विकास ने भी ग्राम पंचायत सदस्य का शपथ ग्रहण किया है।

इस पूरे मामले पर सेवराई तहसील के आरो और सेक्रेटरी से लगातार वार्ता करना चाहा लेकिन इन लोगों ने अपना फोन उठा रहा गवारा नहीं समझा जिला पंचायत राज अधिकारी के संज्ञान में इस मामले को लाया गया तो जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी इस पूरे मामले को आरओ और सेक्रेटरी से संबंधित बतलाया और बताया कि इस बारे में वह लोग ही बेहतर जानते होंगे और उसके बारे में बता पाएंगे क्योंकि चुनाव कराने की जिम्मेदारी ब्लॉक के आरओ के जिम में होती है उनका काम निर्वाचित ग्राम प्रधान और उनकी कमेटी में शामिल सदस्य की सहमति पर ही गांव के विकास के लिए सरकारी धन का आवंटन करना होता है।

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