Big NewsTopUPvaranasi

Varanasi : कोरोना काल मे उत्तर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, क्रांति फाउंडेशन की शिकायत पर दर्ज किया केस

राज्य मानवाधिकार आयोग को आवश्यक कार्यवाई के लिए किया निर्देशि

वाराणसी। कोरोना काल मे उत्तर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था व मरीजों को हो रही परेशानी के संबंध मे क्रांति फाउंडेशन द्वारा की गयी शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर लिया है। इस विषय पर शिकायतकर्ता व क्रांति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई०राहुल कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने विषय पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को कार्यवाई के लिए निर्देशित किया है।

राहुल सिंह ने बताया कि कोरोना काल मे उत्तर प्रदेश मे अस्पतालों द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। मरीज लगातार खाली बेडों और आक्सीजन की तलाश मे इधर उधर भटक रहे हैं। कोविड व नान कोविड मरीजों को समय से अस्पतालों मे बेड व आक्सीजन न मिलने के कारण भारी परेशानी हो रही है तथा कभी कभी तो गंभीर मरीज देरी के कारण दम तोड़ दे रहे हैं। प्रदेश मे दवाओं व अन्य मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी चरम पर है जिससे कारण आम जनता को सामान्य दवाएं व मेडिकल उपकरण या तो अधिक दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं अथवा उपलब्ध ही नहीं हो पा रहे हैं।

इन सभी विषयों को लेकर राहुल कुमार सिंह ने 18 अप्रैल 2021 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मे शिकायत दर्ज करायी थी जिसका संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 5 मई 2021 को लिया तथा इस संबंध मे दर्ज करायी गयी शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसे मुकदमे मे परिवर्तित कर दिया।

इस संबंध मे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने विषय को उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के अंतर्गत बताते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग को उचित कार्यवाई के लिए निर्देशित किया है। शिकायतकर्ता राहुल कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मे उन्होने भारत के संविधान के आर्टिकल 21 तथा मरीजों के मूलभूत अधिकारों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से गुहार लगायी थी।

राहुल सिंह ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर की जानकारी सभी को थी फिर भी इससे मुकाबले के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था को समय रहते दुरूस्त नहीं किया गया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ हो या प्रधानमंत्री जी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी हर जगह कोविड या नान कोविड मरीजों के हालात किसी से छुपे नहीं है। अब तो कोरोना के तीसरी लहर की बात की जा रही है जिसमे बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। ऐसे मे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को तेजी से पटरी पर लाने के साथ साथ भविष्य मे आने वाली तीसरी लहर के लिए चाक चौबंद व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है।

सरकार को प्रदेश के हर जिले के अस्पतालों मे बच्चों के लिए विशेष पीडीयाट्रिक वार्ड बनाने की आवश्यकता है जिससे तीसरी लहर का मुकाबला मजबूती से किया जा सके।

liveupweb
the authorliveupweb