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बुधाष्टमी योग में बुधवार को मनाया जाएगा जीवितपुत्रिका व्रत

 दीर्घायु कामना और निसंतानों को संतान प्राप्ति के लिए किया जाने वाला जीवित पुत्रिका व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। जीवित पुत्रिका व्रत 29 सितंबर को पड़ रहा है। अष्टमी तिथि 28 सितंबर को दोपहर 3 06 बजे लग रही है।

इस बार जीवितपुत्रिका अष्टमी व्रत पर बुधाष्टमी का विशेष संयोग प्राप्त हो रहा है
आचार्य अनूप मिश्रा के अनुसार सनातन धर्म में संतान की दीर्घायु कामना और निसंतानों को संतान प्राप्ति के लिए किया जाने वाला जीवित पुत्रिका व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. अनूप मिश्रा अनुसार इस बार जीवित पुत्रिका व्रत 29 सितंबर को पड़ रहा है। आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि 28 सितंबर को दोपहर 3:06 बजे लग रही है। जो 29 सितंबर को शाम 4:55 बजे तक रहेगी। व्रत का पारणा 30 सितंबर को सुबह किया जाएगा।

बुधाष्टमी का बन रहा है विशेष संयोगइस बार जीवितपुत्रिका अष्टमी व्रत पर बुधाष्टमी का विशेष संयोग प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही वरियान योग भी बन रहा है। जो अपने आप में बेहद खास होगा। इस दिन चंद्रमा की स्थिति मिथुन राशि पर है। जिसका स्वामी बुध ग्रह है। वहीं बुधवार को अष्टमी तिथि मिल रही है इसलिए यह श्रेष्ठ योग बन रहा है। जो व्रत के फल को कई गुना वृद्धिकारक बनाएगा।

संतान की लंबी आयु, आरोग्यता, खुशहाली, कल्याण के लिए रखा जाने वाला व्रत तीन दिन तक चलता है। 

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