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Varanasi : मलहिया में शवदाह का स्थानीय लोगों ने किया विरोध, जिलाधिकारी को लिखा पत्र

वाराणसी। जिला प्रशासन के निर्देश पर शवदाह करने के लिए अस्थाई घाट बनाये गए शवदाह स्थल के विरोध में बुधवार को मलहिया मदेरवा और रमना के ग्रामीण लामबंद होकर विरोध करने लगे। साथ घाट पर पहुंचे शवों का दाहसंस्कार करने से रोक दी। घाट पर हंगामे की सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय मौके पर फोर्स के साथ पहुंचे। और हंगामा करने वालों को समझाने के प्रयास में जुट गए, लेकिन विरोध प्रदर्शन करने वाले मानने के लिए तैयार नहीं हुए।

 ग्रामीणों का आरोप है कि  कि शवदाह स्थल सामनेघाट इलाके में बनाने का निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को मिला। सामनेघाट में शवदाह स्थल बनवाने की जगह मलहिया में बनवा दी। बस्ती के करीब होने दाहसंस्कार से उठने वाले धुएं से संक्रमण फैलने का डर बन गया हैं। इस दौरान इंस्पेक्टर लंका को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के नाम पत्रक देकर दाहसंस्कार बस्ती से  दो से पांच सौ मीटर की दूरी पर झाड़ी वाले स्थान पर कराने की मांग की। बुधवार को दोपहर तक   14 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था।

मलहिया  सहित आसपास के इलाके में कई कॉलोनी और स्कूल और  गड़वाघाट आश्रम और एक अपना घर अनाथालय हैं। शवदाह शुरू होने के बाद से पूरे इलाके में धुएं सिर्फ दिखाई पड़ने लगा।सभी के भीतर संक्रमण फैलने का डर समा गया। जिस स्थान पर शवदाह किया जा रहा हैं उसके दो मीटर की दूरी में पूरा धुआं धुआं हो जा रहा। 

मौके पर पुलिस की मौजूदगी में शवदाह शुरू हुआ। रमना के निवर्तमान प्रधान पति अमित पटेल ने इंस्पेक्टर लंका से मांग की है कि जिलाधिकारी से बातचीत कर शवदाह बस्ती से दूरी पर कराया जाए।  ऐसा नहीं होने पर ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी से मिलकर  शवदाह स्थल बदलने की मांग की जाएगी। बगल के कॉलोनी और बस्ती में रहने वाले लोगों को डर  हैं कि सांस और इंफेक्शन हवा के द्वारा फैल जाएगी।

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