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आर्थिक तंगी से परेशान दवा कारोबारी ने पत्नी व दो बच्चों समेत घर में फंदे से लटककर दी जान


शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर में आर्थिक तंगी और सूदखोर से परेशान दवा कारोबारी ने गत सोमवार की सुबह घर में अपने दो बच्चों को फंदे पर लटकाने के बाद खुद भी पत्नी के साथ फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस को कारोबारी की जेब से मिले सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी से जान देने की बात लिखी है। पुलिस ने सभी शव कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के संबंध में पुलिस टीम मुहल्ले के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही कारोबार से जुड़े लोगों से भी बात करके परिवार समेत जान देने की असल वजह का पता लगाने में पुलिस टीम जुटी है पिता ने मरहैया मोहल्ले के रहने वाले अविनाश वाजपेयी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की एफआईआर दर्ज कराई है।


शाहजहांपुर शहर के चौक कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला कच्चा कटरा निवासी मेडिकल एजेंसी स्वामी अखिलेश गुप्ता, उनकी पत्नी रेशू गुप्ता, बेटा शिवांक व बेटी अर्चिता ने दी जान। दूसरी मंजिल पर लगे जाल में रस्सियों के फंदे से लटके मिले चारों के शव। दोपहर तक जब कोई हलचल नहीं हुई तो पड़ोस में रहने वाले सुशील कुमार ने दोपहर 12 बजे फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई।

करीब दो बजे घर जाकर डोर बेल बजायी तब भी कोई बाहर नहीं आया। जब उन्होंने दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया। अंदर जाकर गए तो जाल में शव लटके दिखे। उनकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई। एसपी एस आनंद ने बताया कि अखिलेश के पेंट की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी के कारण जान देने की बात लिखी है। उन्होंने बताया कि अखिलेश पर काफी लोगों का उधार था। जांच की जा रही है। कारोबारी मित्रों समेत मुहल्ले के रहने वालों से बात की जा रही है। सभी के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।

मूलरूप से बरेली के फरीदपुर कस्बे के ऊंचा मोहल्ले के रहने वाले अखिलेश गुप्ता (42) पिछले सात-आठ साल से शाहजहांपुर के कच्चा कटरा मोहल्ले में रह रहे थे। उनका लक्ष्मी नारायण मेडिकल एजेंसी के नाम से थोक दवाओं का काम था। सोमवार को करीब साढ़े दस बजे उनके घर में दूधिया दूध देने आया था। पत्नी रेशू (40) ने दूध लिया और अंदर चली गई। दोपहर साढ़े बारह बजे मोहल्ले का रहने वाला अखिलेश का दोस्त सुशील फोन न उठने पर घर आ गया। 

मुख्य दरवाजा खटखटाया तो वह खुला मिला। गेट के आगे रखे स्टूल को हटाकर सुशील अंदर घुसा। कई आवाज देने पर कोई बाहर नहीं आया तो वह घर की दूसरी मंजिल पर पहुंचा। यहां का दृश्य देखकर सुशील के होश उड़ गए। लॉबी में अखिलेश और रेशू के शव छत पर पड़े जाल से बंधी रस्सी से लटक रहे थे। कमरे में बेटे शिवांग (12) का शव कमरे के रोशनदान से और बेटी अर्चिता (छह) का शव चौखट से लटका हुआ था। अखिलेश के शव के पास स्टूल रखा था, बाकी किसी के पास फंदे पर लटकने के लिए कुछ नहीं रखा था। 

सुशील ने डायल-112 पर फोन कर सूचना दी। एसपी एस आनंद, एसपी ग्रामीण संजीव कुमार वाजपेयी समेत पुलिसबल मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। एसपी एस आनंद ने बताया कि तीन सुसाइड नोट मिले हैं। तीनों सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और कर्जे से परेशान होकर आत्महत्या की बात लिखी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। एसपी एस आनंद ने बताया कि चौक कोतवाली में पिता अशोक गुप्ता की तहरीर पर कांट के मरहैया मोहल्ले के रहने वाले अविनाश वाजपेयी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए मजबूर करना) में एफआईआर दर्ज कर ली है। अविनाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है।

12 लाख के 32 लाख चुकाए, अभी मांग रहा था 70 लाख


पुलिस सूत्रों का कहना है कि अखिलेश ने कुछ साल पहले एक सूदखोर से 12 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। दिसंबर से लेकर अब तक वह 32 लाख रुपये वापस कर चुका था। सूदखोर अब भी 70 लाख रुपये मांग रहा था। इसके एवज में उसने अखिलेश के मकान का बैनामा भी करा लिया था। अब वह पूरे परिवार को जल्द से जल्द मकान खाली करने की धमकी दे रहा था। अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए धमका रहा था।

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