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Varanasi : जिला प्रशासन ने छन्नूलाल मिश्र को सौंपी रिपोर्ट, अस्पताल प्रशासन को क्लीन चिट दिए जाने से नाराज छन्नूलाल मिश्रा 

वाराणसी। पीएम मोदी के प्रस्तावक और पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा के बड़ी बेटी संगीता मिश्रा के मौत मामले गठित जांच कमिटी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। डीएम की ओर से गठित जांच कमिटी ने सभी बिंदुओं पर जांच के बाद मामले में आरोपी मेडविन अस्पताल को क्लीन चिट दे दी हैं। वाराणसी जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने जांच में कोई लापरवाही नहीं पाई है। इलाज में ज्यादा वसूली की शिकायत को खारिज किया गया है।

जांच कमिटी की रिपोर्ट को लेकर डिप्टी सीएमओ डॉ पीयूष राय सीधे पंडित छन्नूलाल के घर पहुंच उन्हें इसकी जानकारी दी। हालांकि जांच समिति की इस रिपोर्ट से पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल का परिवार असंतुष्ट है। अस्पताल में इलाज और जांच को लेकर के सभी व्यवस्थाओं को सही बताते हुए इसकी रिपोर्ट दी है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को सीएमओ ने जिलाधिकारी को सौंपी है। मेडिकल बोर्ड की 15 पेज के इस रिपोर्ट की कॉपी छन्नूलाल मिश्र के घर भी भिजवा दी गई है। पंडित छन्नूलाल मिश्र की बड़ी बेटी संगीता की मौत 29 अप्रैल को मेडविन हॉस्पिटल में हुई थी।

उसके बाद उनकी छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने मेडविन अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा की पांच सदस्य वाली मेडिकल बोर्ड ने अस्पताल में हुए इलाज जांच और इलाज के कागजात का मूल्यांकन और दोनों दोनों पक्षों का बयान लेने के बाद सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को भेज दी।

इधर, मामले में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि आमतौर पर 3 सदस्य की जांच टीम इस तरह के मामले में जांच करती है लेकिन इस प्रकरण में 5 डॉक्टरों की टीम ने जांच की। इसमें प्रोटोकाल के तहत इलाज होना पाया गया। कहीं लापरवाही नहीं मिली है।

जिलाधिकारी ने बताया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत जांच की करने के बाद अस्पताल को फिलहाल दोषी नहीं पाया गया है और इसकी प्रति भी पंडित छन्नूलाल मिश्र को उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच की रिपोर्ट की एक कॉपी पुलिस कमिश्नर को भी दी गई है।  

जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं, सीएम को बताएंगे हकीकत : पं. छन्नूलाल मिश्र

मेडिकल बोर्ड की जांच में संगीता मिश्रा के इलाज के लिए 1.5 लाख रुपये जमा किए गए थे। इलाज में 1 लाख 48 हजार खर्च हुआ है। दो हजार रुपये बचे हैं। वहीं छन्नूलाल मिश्र की छोटी बेटी नम्रता मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन ने मामले की जो जांच रिपोर्ट दी है, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। न्याय के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर हकीकत बताएंगे।

गौरतलब है कि छन्नूलाल मिश्र की छोटी बेटी नम्रता मिश्रा ने लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र ने भी कहा था कि बेटी की मौत के बाद 20 दिनों से ढंग से नहीं सोया हूं। रात इसी सोच में कट जाती है कि अस्पताल में बेटी के साथ आखिर हुआ क्या? अचानक उसकी जान कैसे चली गई? अस्पताल प्रबंधन के पास न तो मेरे सवाल का जवाब है और न जिला प्रशासन के पास।

उन्होंने कहा था कि हम इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करेंगे। ताकि बेटी की मौत का सच सामने आ सके। वहीं छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने दावा किया था कि  हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए बात की है और उन्होंने कहा है कि जब भी मिलना हो पहले हमें बता दें और आकर मिल सकते हैं।

नम्रता मिश्रा ने मेडविन अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि हो सकता है वह सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट कर दें। वह कह रहे हैं कि उनका सीसीटीवी दो महीने से खराब है, वो झूठ बोल रहे हैं। जिस दिन मेरी दीदी एडमिट हुई थी उस दिन उनका सीसीटीवी कैमरा चल रहा था।

मेरी दीदी आराम से बेड पर लेटी दिखीं और उस सीसीटीवी फुटेज की तस्वीर है मेरे पास। कहा था कि घटना के इतने दिन बाद भी प्रशासन के लोग सात दिन की सीसीटीवी फुटेज नहीं निकाल पाए। कहा- हमारी मांग है कि बहन को इन सात दिनों में क्या दवाइयां दी गईं। कौन से इंजेक्शन लगाए गए और साथ ही क्या टेस्ट हुए इसकी कोई डिटेल नहीं दी गई है।

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